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फेक एंड्रॉयड ऐप से सावधान! लीक हो सकती है आपकी पर्सनल जानकारी, समझें कैसे करें पहचान?

फेक एंड्रॉयड ऐप

Fake app: साइबर क्रिमिनल कुछ ऐसे नकली ऐप बना रहे हैं, जिन्हें इंस्टॉल करने के बाद आपकी पर्सनल जानकारी लीक हो सकती है या फिर आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।

फेक एंड्रॉयड ऐप

फेक एंड्रॉयड ऐप  से सावधान

इसी को लेकर भारत सरकार के सिक्योरिटी पोर्टल साइबर दोस्तने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने एक इमेज शेयर करते हुए बताया है कि गूगल प्ले स्टोर पर Union-Rewards.apk नाम से एक ऐप मौजूद है। ये ऐप देखने में यूनियन बैंक के असली ऐप जैसा लगता है, लेकिन यह एक फेक एंड्रॉयड ऐप है।

नकली ऐप्स क्या होते हैं?

नकली मोबाइल ऐप्स ऐसे एप्लिकेशन होते हैं, जो वैलिड ऐप्स के लुक और अंदर के इंटरफेस से काफी मिलते-जुलते होते हैं। जिससे आसानी से यूजर्स को इंस्टॉल करने के लिए धोखा दिया जा सके। ये नकली ऐप्स यूजर ID और पासवर्ड, सेंसिटिव डेटा और पर्सनल इन्फॉर्मेशन को नुकसान पहुंचाने के मकसद से डिजाइन किए जाते हैं। इन्हें इतने सलीके से बनाया जाता है कि ज्यादातर यूजर्स के लिए असली और नकली ऐप्स के बीच अंतर कर पाना मुश्किल होता है। ये वैलिड ऐप स्टोर जैसे Apple के ऐप स्टोर या Google के प्ले स्टोर पर भी हो सकते हैं। कुछ नकली ऐप्स आपके कैमरे को कंट्रोल करने की परमिशन मांगते हैं, जिससे फोन गैलरी की सारी जानकारी मिल सके।

फेक एंड्रॉयड ऐप

असली ऐप्स और नकली ऐप्स को कैसे पहचान सकते हैं?

जवाब- आमतौर पर जब हमें कोई भी ऐप डाउनलोड करना होता है तो हम गूगल के Play Store या एपल के App Store पर जाकर उसे डाउनलोड करते हैं। इन ऐप स्टोर्स पर कई ऐसे फर्जी ऐप भी मौजूद हैं, जो यूजर्स की निजी जानकारी चोरी करने से लेकर बैंक अकाउंट को खाली कर सकते हैं। साइबर क्रिमिनल नकली ऐप्स की डिजाइनिंग बेहद सफाई से करते हैं, जिससे आम लोगों के लिए अंतर कर पाना मुश्किल होता है।

इन फर्जी ऐप्स से खुद को कैसे बचा सकते हैं?

अगर आपने पहले ही कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल कर लिया है, जिसकी वजह से आपकी डिवाइस स्लो हो गई है या अनचाहे विज्ञापन आ रहे हैं तो ऐसे ऐप्स को तुरंत अनइंस्टॉल कर दें। इसके अलावा अगर आपको स्मार्टफोन के किसी ऐप के संदिग्ध होने की आशंका है तो इन स्टेप्स को फॉलो करें।

फेक एंड्रॉयड ऐप

एक अच्छा एंटीवायरस इंस्टॉल करें और अपने डिवाइस को स्कैन करें।

अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए Google Play store या App store पर नकली ऐप को रिपोर्ट करें। एंटी-स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक प्रकार का प्रोग्राम है, जो जासूसी वाले ऐप्स की मॉनिटरिंग के लिए डिजाइन किया गया है। परमिशन चेकर सॉफ्टवेयर को अपने मोबाइल में इंस्ट्रॉल कर सकते हैं। इससे कौन सा ऐप किस तरह की परमिशन ले रहा है, यह आपको पता लग सकेगा। कभी भी किसी थर्ड पार्टी ऐप को डाउनलोड न करें। इस तरह के ऐप आपका डेटा चोरी कर सकते हैं। हमेशा अपने फोन को अपडेट रखना चाहिए। सॉफ्टवेयर अपडेट में अक्सर सिक्योरिटी पैच और नए फीचर्स होते हैं, जो फोन को सुरक्षित बनाए रखने में मदद करते हैं।

क्या मोबाइल बैंकिंग सुरक्षित है?

साइबर एक्सपर्ट ईशान सिन्हा बताते हैं कि मोबाइल बैंकिंग पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि बैंक बेहद सेफ और हाई इन्क्रिप्शन टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं। बस कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है।  मोबाइल बैंकिंग ऐप डाउनलोड करने की सबसे सुरक्षित जगह आपके बैंक की वेबसाइट है। आपके मोबाइल बैंकिंग ऐप को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड नींव की तरह होता है। इसलिए स्ट्रॉन्ग पासवर्ड जरूर बनाएं। बैंकिंग ऐप्स के इन-ऐप फिंगरप्रिंट डिवाइस का प्रयोग करें। यह मोबाइल ऐप्स के लिए एक और सिक्योरिटी परत का काम करता है। मोबाइल बैंकिंग ऐप से अपना मोबाइल नंबर और ईमेल ID भी जोड़ सकते हैं। ईमेल या फोन अलर्ट के माध्यम से लेनदेन के बारे में तुरंत सूचना मिलती है।

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