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ड्राइवर अंकल ने पी रखी थी शराब...स्कूल बस हादसे की पूरी कहानी, रफ्तार कम होती तो बच जाती जान

School bus accident

School bus accident: महेंद्रगढ़ में गुरुवार सुबह हुए स्कूल बस हादसे में 6 बच्चों की मौत हो गई। जबकि अभी भी कई बच्चे जिंदगी और मौत के बीच सांसे गिन रहे है। लेकिन इस पूरे मामले में साफ तौर पर बस ड्राइवर और स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है।

शराब के नशे में धुत था ड्राइवर

हादसे में 6 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 25 बच्चे घायल हुए हैं। इनमें कई की हालत अब भी गंभीर है। उन्हें रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। महेंद्रगढ़ के कस्बा कनीना स्थित GL पब्लिक स्कूल ईद के दिन छुट्‌टी पर भी खुला था। बस चालक शराब के नशे में धुत्त था। यही नहीं बस को 6 साल से फिटनेस पासिंग नहीं कराई थी।

School bus accident

ईद के दिन स्कूल खुलने पर जारी नोटिस

पुलिस ने केस दर्ज कर जीएल पब्लिक स्कूल के बस ड्राइवर सेहलंग निवासी धर्मेंद्र, कनीना निवासी प्रिंसिपल दीप्ति व स्कूल सेक्रेटरी होशियार सिंह को गिरफ्तार किया है। होशियार सिंह स्कूल संचालक का बड़ा बेटा है व दीप्ति छोटे बेटे की बहू है। हादसे के बाद जागे परिवहन विभाग ने नारनौल आरटीए के सहायक सचिव प्रदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया है। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को छुट्टी के दिन स्कूल खोले जाने पर नोटिस दिया है।

एक ही गांव के चार बच्चों की मौत

हादसे में मरने वाले बच्चों की पहचान सत्यम (16), युवराज (14), दो सगे भाई यशु (15) व अंशु (13), वंश (14) और रिकी (15) के रूप में हुई है। इनमें से 4 बच्चे एक ही गांव झाड़ली के रहने वाले थे। मरने वालों में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के भांजे पूर्व सरपंच संजय शर्मा का बेटा भी शामिल है।

school principal

ड्राइवर अंकल ने शराब पी रखी थी

इस हादसे में घायल छात्रा बबीता ने बताया कि वह आगे से चौथे नंबर की सीट पर बैठी थी। सभी बच्चे हंसते-बात करते हुए स्कूल जा रहे थे। बच्चे कह रहे थे कि आज ड्राइवर अंकल ने शराब पी रखी है। इसलिए ड्राइवर की आंखें लाल हैं। बस की स्पीड ज्यादा थी। तभी गांव उन्हानी के पास स्पीड ब्रेकर पर चढ़ते ही बस का संतुलन बिगड़ गया तो हम लोग सीटों को पकड़ने की कोशिश करने लगे। इतने में बस ड्राइवर खिड़की खोलकर नीचे कूद गया और बस पलट गई।

जांच में प्रिंसिपल की लापरवाही मिली

जांच में खुलासा हुआ है कि अगर GL पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल दीप्ति राव लापरवाही नहीं करती तो शायद बच्चों की जान बच जाती। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई दिव्या नाम की छात्रा के दादा ने बताया है कि नशे में धुत बस ड्राइवर को खेड़ी गांव में एक ग्रामीण ने रोका था। बाकायदा बस की चाबी भी निकाल ली गई। ड्राइवर के नशे में होने की जानकारी ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को दी। मगर, प्रिंसिपल ने ये कहते हुए टाल दिया कि आज ड्राइवर को जाने दीजिए। बच्चे काफी लेट हो रहे हैं। कल इसे हटा देंगे। इसके बाद यह हादसा हुआ।

दो सगे भाइयों का एक ही चिता पर संस्कार

यह हादसा गांव झाड़ली के लिए सबसे मनहूस रहा। इस गांव के 4 बच्चों ने हादसे में जान गंवाई है। इनमें 2 सगे भाई यशु और अंशु भी शामिल हैं। परिवार में ये दोनों ही संतान थीं। इसी गांव के 4 बच्चे घायल भी हुए हैं। राहत की बात यह है कि इन सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्‌टी मिल गई है।

शाम को गमगीन माहौल के बीच चारों बच्चों का गांव के ही श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इनमें दो सगे भाइयों अंशु और यशु का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रदेश की शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा और पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा भी पहुंचे थे।

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