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हरियाणा कैबिनेट के फर्जी लेटर से हड़कंप,सचिवालय के 3 विभागों की भूमिका संदिग्ध,SIT करेगी जांच

Farzi cabinet latter:

Farzi cabinet latter:हरियाणा की पूर्व मनोहर सरकार के एक फर्जी कैबिनेट लेटर से हड़कंप मचा हुआ है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की 500 करोड़ की जमीन हड़पने की कोशिश की गई। ये जमीन 50 एकड़ बताई जा रही है। इसका खुलासा पुलिस की प्राथमिक जांच में हुआ है। यहां प्रति एकड़ का रेट 14 करोड़ है।

SIT करेंगी मामले की जांच

हरियाणा सरकार ने अब इस मामले की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (SIT) का गठन कर दिया है। इसके साथ जांच में पंचकूला की क्राइम ब्रांच को भी शामिल किया गया है। सबसे अहम बात यह है कि जांच के लिए लोकल पुलिस को शामिल नहीं किया गया है। इसकी वजह यह है कि इस खेल में यहां की पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध मिली है।

हिरासत में 6 से ज्यादा लोग

पंचकूला की पुलिस उपायुक्त हिमाद्री कौशिक ने बताया कि मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद के निर्देश पर पंचकूला सेक्टर-5 थाने में केस दर्ज किया जा चुका है। जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। इसमें अब तक 6 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

प्रॉपर्टी डीलरों का भी बड़ा रोल

इस खेल में हरियाणा सचिवालय की 3 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर हुई है। इसमें मुख्य सचिव कार्यालय की कैबिनेट ब्रांच, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और गुरुग्राम के कुछ अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इस खेल में प्रॉपर्टी डीलरों का भी बड़ा रोल मिला है। फर्जी लेटर से गुरुग्राम के राजीव चौक, बादशाहपुर और घसौला की जमीन रिलीज कराकर रजिस्ट्री कराई जाने वाली थी।

जांच में जुटी पांच जिलों की पुलिस

हरियाणा पुलिस की टीम पांच जिलों में जांच कर रही है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि यहां के प्रॉपर्टी डीलरों की भूमिका संदिग्ध मिली है। इनमें पंचकूला, गुरुग्राम, रोहतक, पानीपत और सोनीपत शामिल हैं। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी का नाम नहीं बताया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन सभी डीलरों और उनके साथ काम करने वालों से जिलों की पुलिस की अलग - अलग टीमें पूछताछ कर रही हैं।

ऐसा नहीं होता तो नहीं होता खुलासा

3 दिन पहले इस मामले की शिकायत पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर के पास पहुंची थी। कैबिनेट का लेटर देखकर पूर्व मुख्यमंत्री खट्टर खुद हैरान रह गए और उन्होंने आनन-फानन में मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद से जानकारी ली। मुख्य सचिव ने जब ब्रांच के कर्मचारियों से बात की पता चला कि कैबिनेट मीटिंग का पत्र पूरी तरह से फर्जी है।

जिस डेट का लेटर, उस डेट में नहीं हुई कैबिनेट

गुरुग्राम के बादशाहपुर और राजीव चौक क्षेत्र की बेशकीमती जमीनों को रिलीज करने के लिए कैबिनेट मीटिंग का एक फर्जी पत्र तैयार किया। इस पत्र में 15 और 21 दिसंबर 2023 की तारीख लिखी गई है। जबकि इस दौरान कोई कैबिनेट बैठक ही नहीं हुई। तत्कालीन सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में नवंबर महीने में कैबिनेट बैठक हुई थी।

इस फर्जीवाड़े का खुलासा कैबिनेट नोट पढ़ने के बाद हुआ। नोट में मुख्यमंत्री और एफसीआर दोनों के पद लिखे गए थे। जबकि कैबिनेट मीटिंग के सिस्टम में कैबिनेट मीटिंग का नोट वरिष्ठता के हिसाब से लिखा जाता है, लेकिन उसमें उसके विपरीत लिखा गया था।

रजिस्ट्री की तैयारी में थे डीलर

सूत्रों की माने तो फर्जी पत्र तैयार करने वाले लोग राजस्व विभाग के स्थानीय कर्मचारियों से मिलीभगत कर जमीन की रजिस्ट्री कराने की तैयारी में थे। लेकिन इससे पहले इसका खुलासा होने से उनके अरमानों पर पानी फिर गया।

हाउसिंग फॉर आल में तैनात एक वरिष्ठ कर्मचारी ने गृह विभाग में तैनात एक कर्मचारी को वॉट्सऐप पर पत्र भेजकर उसके कागजात निकलवाने को कहा।

जब कर्मचारी कैबिनेट ब्रांच के अधीक्षक के पास पत्र लेकर पहुंचा तो उसे देखते ही अधीक्षक के होश उड़ गए।जब कर्मचारियों के आपसी तार जोड़े गए तो पता चला कि हाउसिंग फॉर आल में तैनात कर्मचारी को उसके हिसार के एक दोस्त ने कागज निकालने के लिए कहा था।

हरियाणा में खट्टर कैबिनेट के फर्जी लेटर से हड़कंप:गुरुग्राम-रोहतक, सोनीपत में 500 करोड़ की जमीन कब्जाने की कोशिश; पंचकूला में FIR दर्ज

हरियाणा की पूर्व मनोहर सरकार के एक फर्जी कैबिनेट लेटर से हड़कंप मच गया है। इस लेटर में प्रदेश के 3 जिलों गुरुग्राम, रोहतक और सोनीपत की 500 करोड़ की बेशकीमती जमीन हथियाने की कोशिश की गई। इस गड़बड़झाले में सचिवालय के भी 3 कर्मियों की संलिप्तता मिली है।

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