रेल यात्रा करने से पहले पढ़ ले ये खबर, जानें 'किसान आंदोलन' की वजह से कौन से ट्रेन रुट होंगे प्रभावित?
Farmer train protest: किसानों के रेल रोको आंदोलन की वजह से आम लोगों का सफर प्रभावित हो सकता है। ऐसे में RPF के सीनियर डीएससी नितिश शर्मा ने बताया कि RPF की तरफ से पूरे इंतजाम हैं। जिस-जिस लोकेशन पर किसान ट्रैक पर बैठेंगे, हर उस लोकेशन पर RPF की टीमें तैनात हैं। ट्रैक जाम किया जाता है तो किसानों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। किसानों के रेल रोको आंदोलन को लेकर RPF, GRP और खुफिया एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं। ट्रेनों और स्टेशनों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।
DRM मंदीप सिंह भाटिया ने बताया कि अंबाला डिवीजन में 21 लोकेशन पर किसान बैठेंगे। डिवीजन में एक दिन में 220 मेल, एक्सप्रेस, 100 पैसेंजर और करीब 150 मालगाड़ियां चलती हैं।
पंजाब में कहां-कहां बैठेंगे किसान ?
अमृतसर-देवीदास पुरा, राया, कथूनंगल, जैंतीपुर, कोटला गुजरा, जहांगीर, पंढेर गेट, रामदास, वेरका, गुरदासपुर - बटाला, गुरदासपुर, फतेहगढ़ चूड़ियां, तरनतारन-खडूर साहिब, तरनतारन, पट्टी, होशियारपुर-टाडा, दसूहा, होशियारपुर, जालंधर-फिलोर, फगवाड़ा, जालंधर बिल्ली, कपूरथला-लोहिया, सुल्तानपुर लोधी, फिरोजपुर-बस्ती टैंकवाली, गुरु हरसहाय, मक्खू, मल्लांवाला, फरीदकोट-जैतो, फरीदकोट स्टेशन, मोगा- बाघा पुराना, मोगा स्टेशन, मुक्तसर-मलोट, गिदड़बाहा, फाजिल्का-अबोहर, फाजिल्का स्टेशन, बठिंडा-रामपुराफूल, मालेरकोटला-अहमदगढ़, मनसा-बुंदलाडा, मनसा स्टेशन, पटियाला-पटियाला स्टेशन, सुनाम, शंभू, मोहाली-कुराली, खरड़, लालरू, पठानकोट-दीनानगर, लुधियाना-समराला, मुलानपुर, जगराओं, फतेहगढ़ साहिब-सरहिंद, रोपड़-मोरिंडा. संगरूर रेलवे स्टेशन व बरनाला रेलवे स्टेशन पर किसान धरना देंगे।
किसानों और केंद्र की 4 मीटिंग हो चुकी हैं विफल
किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं। किसान नेता और केंद्र के बीच 4 दौर की वार्ता हो चुकी है। चौथी मीटिंग में केंद्र ने किसानों को 5 फसलों (कपास, मक्का, मसूर, अरहर और उड़द ) पर MSP का प्रस्ताव दिया था। हालांकि किसान नेताओं ने सरकार के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट किसान नेताओं को फटकार लगा चुका
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन पर कड़ी टिप्पणियां की। किसान नेता बलबीर राजेवाल और अन्य की तरफ से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा कि किसान आंदोलन में बच्चों को आगे किया जा रहा है। यह बड़े शर्म की बात है कि बच्चों की आड़ में हथियार समेत प्रदर्शन किया जा रहा है। कैसे माता-पिता हैं। किसान क्या कोई जंग करना चाहते हैं। ये पंजाब का कल्चर नहीं है।